नमस्कार , हिमाचल की नदियों की विस्तृत सीरीज़ के इस लेख में आपका स्वागत है । इस लेख में हम सतलुज नदी से सम्बधित सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे । हमारा प्रयास है कि सतलुज नदी के बारे में उन सभी तथ्यों को इस लेख में शामिल किया जाए, जिनकी विभिन्न परीक्षाओं में पूछने की संभावना रहती है ।
इस लेख में हम जानेंगे :
सतलुज नदी : ऐतिहासिक तथ्य
- सतलुज नदी का कई ऐतिहासिक साहित्यों में वर्णन मिलता है । भारत की सबसे प्राचीन नगरीय सभ्यता (सिधु घाटी सभ्यता ) के पुरातात्विक साक्ष्य सतलुज नदी के किनारे बसे कई शहरों से मिलते हैं ।
- ऋग्वेद में भी सतलुज नदी का वर्णन है । यहाँ पर इसे “शुतुद्रि” कह कर संबोधित किया गया है । इस आधार पर हम यह भी कह सकते हैं कि सतलुज नदी का प्राचीन नाम “शुतुद्रि” था ।
- इसके अतिरिक्त सतलुज को ‘शतद्रु या शतद्रू’ भी कहा गया है ।
- वाल्मिकी द्वारा लिखी रामायण में भी “शतद्रु” का उल्लेख है तथा महाभारत में भी इस नदी का उल्लेख किया गया है ।
- सतलुज नदी को इतिहास में कई अन्य नामों से भी इंगित किया गया है । सम्पू , सुतुद्रा , मुकसंग , सुमुद्रंग , जुंगटी आदि नाम भी सतलुज के लिए प्रयोग किये गये हैं ।
- प्राचीन इतिहास में सतलुज के अतिरिक्त एक अन्य नदी सरस्वती नदी का भी वर्णन मिलता है ,जिसका वर्तमान में कोई साक्ष्य नहीं है ।
- सतलुज नदी के मार्ग में परिवर्तन की भी जानकारी मिलती है । यह माना जाता है, कि सतलुज नदी सदा से यहीं से होकर ही नहीं बहती थी । 18 वीं सदी के एक लेखक रेबर्टी की मानें, तो सतलुज नदी का ब्यास नदी के साथ संगम नहीं होता था । 18 वीं सदी में प्राकृतिक कारणों से इनका मार्ग परिवर्तित होने से सतलुज और ब्यास नदी का संगम हुआ ।
निम्नलिखित में से कौन सा शहर सतलुज नदी के किनारे बसा है :
कौन सी नदी हिमाचल प्रदेश में बहने के बाद जम्मू-कश्मीर में जाती है:
निम्नलिखित में से कौन सा बाँध सतलुज नदी पर नहीं बना है :
सतलुज नदी का उद्गम : तिब्बत में सतलुज
सतलुज नदी हिमालय से निकलने वाली नदियों में से है । हिमालय से निकलने वाली नदियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन नदियों में पानी 12 महीने रहता है । ग्लेशियरों से पिघलने वाली बर्फ इन नदियों के जल का मुख्य स्त्रोत होता है ।
- सतलुज नदी का उद्गम तिब्बत से होता है । तथा इसका जल अरब सागर में जाकर गिरता है । तिब्बत में सतलुज नदी मानसरोवर के पास राक्षसताल नामक झील से निकलती है । इस तरह राक्षसताल झील को सतलुज नदी का उद्गम स्थल माना जाता है ।
- यहाँ पर यह बात ध्यान देने योग्य है कि इस नदी को सतलुज के नाम से भारत में प्रवेश करने के बात ही पुकारा जाता है । भारत में प्रवेश करने से पहले सतलुज नदी लगभग 450 किलोमीटर का सफर तय करती है । तथा इस सफर में इसे Langchen Zangbo के नाम से पुकारा जाता है,तथा भारत में प्रवेश के बाद यह सतलुज नदी कहलाती है ।
निम्नलिखित में से कौन सी नदी सतलुज की सहायक नदी नहीं है ?
सतलुज नदी बहती है :
भारत में सतलुज नदी
भारत में सतलुज नदी 2 राज्यों से होकर बहती है : हिमाचल प्रदेश और पंजाब ।
- हिमाचल में सतलुज नदी किन्नौर, शिमला,कुल्लू , सोलन और बिलासपुर जिलों से होकर बहती है ।
- भारत में सतलुज नदी हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले से प्रवेश करती है ।
- किनौर के पूर्वी भाग में शिपकी दर्रे से होते हुए सतलुज नदी किन्नौर को 2 भागों में बांटते हुए बहती है ।
- किन्नौर में ही सतलुज नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी स्पीति नदी मिलती है । यह नदी लाहौल स्पीति की ओर से आती है, तथा जिस स्थान पर यह सतलुज से मिलती है, उस स्थान को खाब कहा जाता है ।
- हिमाचल के किन्नौर जिले में सतलुज की अन्य सहायक नदियाँ व खड्ड़ें निम्नलिखित हैं : बास्पा,रोपा,तिरंग ज्ञांथिंग, दुलिंग, सोलडंग, पेजुर, काशंग मुलगून, युला, वांगर, शोरंग ।
- किन्नौर में सतलुज नदी लगभग 130 किलोमीटर बहने के बाद शिमला जिले में प्रवेश करती है
- किनौर जिले से विभिन्न अन्य नदियों व खड्डों को अपने में समाती हुई सतलुज,शिमला जिले में ज्यूरी नामक स्थान से प्रवेश करती है । शिमला में सतलुज में कई अन्य खड्डें मिलती हैं, तथा इसका आकार को बड़ा करती हैं ।
- इनमें प्रमुख खड्डें मुगंलद , पशाद , नोगली , भैरां , बछ्दा , किंगल,शोवान,सबरी, पन्दोआ , माल्गी , सैंज हैं ।
- शिमला के बाद सतलुज नदी सोलन और कुल्लू के सीमावर्ती इलाकों में प्रवेश करती है । यहाँ पर कूपन नदी सतलुज में मिलती है, और इसके बाद यह मंडी से होते हुए बिलासपुर में पहुंच जाती है ।
- बिलासपुर जिले में अली, गम्भरोल, ग्म्भर , मोनी, शीर आदि खड्डें भी सतलुज में मिल जाती हैं ।
- बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर कन्दौर पुल भी बनाया गया है, जो की किब्बर-चिच्चम पुल से पहले एशिया का सबसे बड़ा पुल था ।
- इसके बाद बिलासपुर में सतलुज नदी पर हिमाचल की सबसे बड़ी कृतिम झील गोबिंद सागर झील का निर्माण किया गया है । यह झील भाखड़ा बाँध की वजह से बनाई गयी है ।
- भाखड़ा – नांगल बाँध पनविद्युत परियोजना का निर्माण सतलुज नदी पर हुआ है । इसमें भाखड़ा बांध हिमाचल के बिलासपुर जिले में है, तथा नांगल बांध पंजाब में है । नांगल बाँध को भाखड़ा बाँध के सहायक बाँध के रूप में बनाया गया है, तथा इन दोनों के बीच करीब 10 किलोमीटर की दूरी है ।
- भाखड़ा के बाद सतलुज पंजाब में बहती है, तथा यहाँ पर ब्यास नदी सतलुज नदी से मिलती है । क्योंकि ब्यास नदी सतलुज से छोटी है, इसलिए इन दोनों के संगम से बनने वाली धारा भी सतलुज ही कहलाती है ।
सतलुज नदी भारत में कहाँ से प्रवेश करती है ?
हिमाचल में सतलुज की प्रथम सहायक नदी है :
सतलुज की मुख्य सहायक नदियाँ
सतलुज नदी की मुख्य सहायक नदियाँ निम्नलिखित हैं :
स्पीति नदी
स्पीति नदी लाहौल-स्पीति में सोनापोनी ग्लेशियर से निकलती है । स्पीति नदी, लाहौल-स्पीति में कुल 130 किलोमीटर की दुरी तय करती है, तथा उसके बाद किनौर में प्रवेश करती है । किनौर में खाब नामक स्थान पर स्पीति नदी सतलुज में मिलती है । ताबो , पोह, कराती , ठुम्पा लुम्पा, उलह , सुरह्ल, गिम्दो आदि इसकी सहायक हैं । स्पीति नदी पर कई हाइड्रो पॉवर प्लांट लगे हुए हैं ।
बसपा नदी
बसपा नदी , बसपा की पहाड़ियों से निकलती है, व बसपा घाटी का निर्माण करती है । इसे सांगला घाटी भी कहा जाता है । यह नदी 95 किलोमीटर की दुरी तय करने के बाद करचम में सतलुज नदी में मिलती है ।
नोगली नदी
नोगली नदी सतलुज की अन्य सहायक नदी है । यह रामपुर बुशहर के पास सतलुज में मिलती है ।
स्वां नदी
स्वां नदी मुख्यतः हिमाचल के ऊना में बहती है । इसके बाद यह नदी हिमाचल को छोड़ कर पंजाब में प्रवेश करती है, जहाँ पर यह सतलुज की सहायक नदी बनती है । स्वां नदी भाखड़ा नांगल परियोजना के बाद सतलुज में मिलती है ।
ब्यास नदी
ब्यास नदी ब्यास कुण्ड से ४७० किलोमीटर की दुरी तय करके पंजाब में सतलुज में मिलती है ।
खड्डें
सतलुज की हिमाचल में मुख्य सहायक खड्डें है :
- Tileng khad
- Chaso khad
- Nesaag khad
- Kerang khad
- Tidong khad
- Kashang khad
- Hangi khad
- Choling khad
- Duling khad
- Sorang khad
- Behna khad
- Sainj khad
खाब स्थान पर किस नदी का संगम सतलुज से होता है :
9सतलुज नदी की सम्पूर्ण लम्बाई निम्नलिखित में से है:
सतलुज नदी पर प्रमुख परियोजनाएं
सतलुज नदी पर बनी मुख्य पनविद्युत परियोजनाएं इस प्रकार हैं :
- भाखड़ा – नांगल हाइड्रो पॉवर परियोजना ( बिलासपुर – पंजाब )
- नाथपा – झाकरी हाइड्रो पॉवर परियोजना (किन्नौर – शिमला )
- रामपुर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (शिमला)
- लुहरी डैम हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट (शिमला - कुल्लू )
- कोल डैम हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट ( मंडी – बिलासपुर )
- करचम वांगतू हाइड्रो पॉवर परियोजना (किन्नौर )
- खाब हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट (किन्नौर)
सतलुज नदी के किनारे बसे शहर
सतलुज नदी के किनारे निम्नलिखित शहर बसे हैं :1. अमृतसर,
2. लुधियाना,
3. रामपुर
4. बिलासपुर ,
5. तत्तापानी
सतलुज नदी बेसिन
सतलुज नदी बेसिन हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा नदी बेसिन है । इसमें लाहौल- स्पीति , किन्नौर, शिमला, सोलन, कुल्लू, बिलासपुर , मंडी , हमीरपुर और ऊना जिला शामिल हैं ।
सतलुज नदी के लिए चुनौतियाँ:
सतलुज नदी के लिए प्रमुख चुनौतियाँ निम्नलिखित है :
- बाढ़ और जलवायु परिवर्तन,
- हाइड्रो पॉवर डेवलपमेंट ,
- पर्यटन ,
- Sand Mining,
- औद्योगिक प्रदूषण ,
उपरोक्त कारणों से सतलुज नदी के बहाव में परिवर्तन आते रहते हैं । बांधों के निर्माण से आस पास की बस्तियों का पलायन होता है, तथा जमीन की उपजाऊ क्षमता भी कम होती है ।
हिमाचल प्रदेश का इलाका हिमालय का ही भाग है । इस क्षेत्र में अत्यधिक बाँध निर्माण भूकम्प जैसे समस्याओं का भी कारण बनता है ।
FAQ
सतलुज नदी कहाँ से निकलती है ?
सतलुज नदी का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर के पास राक्षसताल से निकलने वाली एक धारा से होता है ।
क्या भाखड़ा बांध और नांगल बाँध एक ही हैं ?
नहीं, भाखड़ा और नांगल बांध एक नहीं हैं । भाखड़ा बाँध हिमाचल के बिलासपुर में है, तथा नांगल बंद पंजाब में है । इन दोनों में 10 किलोमीटर का फर्क है । मुख्य बाँध भाखड़ा बाँध ही है, तथा इसकी सहायता के लिए नांगल बांध को बनाया गया है, ताकि नांगल बाँध भाखड़ा से निकलने वाले पानी को नियंत्रित कर सके ।
सतलुज की सहायक नदियाँ कौन कौन हैं ?
सतलुज नदी की सहायक नदियाँ निम्नलिखित हैं : स्पीति नदी,बसपा नदी, नोगली नदी, स्वां नदी, ब्यास नदी ।
सतलुज नदी पर कौन-कौन बाँध बनाये गये हैं ?
सतलुज नदी पर कोल डैम, भाखड़ा व नांगल डैम, लुहरी डैम , नाथपा-झाकरी आदि बाँध बनाये गये हैं ।
सतलुज नदी हिमाचल प्रदेश के किन किन जिलों से होकर गुजरती है ?
सतलुज नदी हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सर्वप्रथम प्रवेश करती है, उसके बाद शिमला, कुल्लू, सोलन, मंडी, बिलासपुर से होते हुए पंजाब में प्रवेश कर लेती है ।
सतलुज नदी के किनारे कौन-कौन शहर बसे हैं ?
सतलुज नदी के किनारे मुख्यतः बसे प्रमुख शहर हैं : तत्तापानी, रामपुर, बिलासपुर ।
11. निम्नलिखित में से कौन सा बाँध सतलुज नदी पर नहीं बना है :
अंतिम शब्द
ये थी सतलुज नदी के बारे में प्रमुख जानकारी । यह लेख हिमाचल प्रदेश की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में नदियों पर पूछे जाने वाले सवालों के आधार पर तैयार किया गया है । उम्मीद है की यह जानकारी हिमाचल प्रदेश की आगामी विभिन्न परिक्षाओं जैसे : HAS, HPPSC, HP Allied Services, Sub-Inspector, HP TET, HP TGT, JBT, Patwari, Police Constable, क्लर्क व बैंकिंग EXAMS की दृष्टी से उपयोगी होगी । हिमाचल प्रदेश से सम्बधित इसी तरह की जानकारी इस वेबसाइट पर आप हिंदी में पढ़ सकते हैं । धन्यवाद ।

nice
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